4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम, 9 जुलाई को मशहद में होगा सुपुर्द-ए-खाक; करीब दो करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। यह समारोह जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा और इसमें दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, शीर्ष नेताओं तथा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। भारत को भेजा गया यह निमंत्रण दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अयातुल्ला अली खामेनेई का 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद ईरान सरकार ने 4 मार्च को राजकीय अंतिम संस्कार आयोजित करने की घोषणा की थी। हालांकि उस समय क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष और सुरक्षा कारणों के चलते अंतिम संस्कार कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था। कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौतियां सामने आने के कारण सरकार ने बाद में नई तारीख घोषित करने का निर्णय लिया।
अब ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार की नई रूपरेखा जारी की है। कार्यक्रम की शुरुआत 4 जुलाई से होगी। इस दौरान अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को राजधानी तेहरान स्थित ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां देश-विदेश से आने वाले लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। इसके बाद विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 जुलाई को खामेनेई के पार्थिव शरीर को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक तेहरान, कुम और मशहद में आयोजित होने वाले अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में लगभग दो करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे ईरान के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक श्रद्धांजलि आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
ईरानी प्रशासन ने समारोह को देखते हुए व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।





