प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 में भ्रष्टाचार व घटिया निर्माण सामग्री का मामला

पल्लू- तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पोहड़का में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत जलग्रहण विकास व भू सरंक्षण विभाग द्वारा करवाएं जा रहे विकास कार्यों में ग्रामीणों व किसानों द्वारा अनियमितता, भ्रष्टाचार व घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए तहसीलदार कुलदीप मीणा को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया । किसान रामलाल ने बताया कि ग्राम पंचायत पोहड़का गांव में विकास कार्यों को गति देने व किसानों की आय का स्तर ऊपर उठाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रधानमन्त्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत किसानों को खेतों में फार्म पोंड, बागवानी, पशुपालन, टीन शेड, गांव में जोहड़ का पक्का निर्माण, खेतों में जलकुंड सहित अनेक कार्यों को इस योजना में शामिल किया गया परन्तु ग्राम पंचायत स्तर पर बनी जल ग्रहण समिति व ठेकेदार के साथ मिलकर इस योजना के विकास कार्यों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को अंजाम देते हुए निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया वहीं किसानों के खेतों में बनाए गए फार्म पोंड तय नियमानुसार नहीं बनाए गए जिससे किसानों को इस योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पाया व जल ग्रहण समिति व ठेकेदार द्वारा किसान हितार्थ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया ।

आदेश के बावजूद भी जांच कमेटी ने समय पर नहीं की जांच, किसानों को जांच कमेटी की रिपोर्ट पर नहीं विश्वास

गांव के किसान भूपसिंह व जसवंत सिहाग ने बताया कि किसानों द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 में भ्रष्टाचार व धांधली का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को इसकी निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई करते हुए किसानों का इस योजना का समुचित लाभ दिलाने की मांग की गई जिस पर कार्यालय जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ द्वारा 27 अप्रैल पत्रांक संख्या 577-579 जारी कर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् हनुमानगढ़, अधिशाषी अभियंता जल संसाधन विभाग खंड नोहर व सहायक निदेशक कृषि विस्तार नोहर की जांच कमेटी गठित करते हुए सात दिवस में जांच कर रिपोर्ट कलेक्ट्रेट कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए परन्तु जांच कमेटी द्वारा दी गई समयावधि में जांच नहीं की तो फिर कार्यालय द्वारा सात मई को पत्र क्रमांक 174-76 जारी कर जांच कमेटी को तीन दिवस में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश जांच टीम को दिए गए परन्तु जांच कमेटी ने इस समयावधि में जांच नहीं की जिससे साबित होता है की जांच कमेटी जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा दिए गए आदेशों की अवहेलना करते हुए कहीं न कहीं ठेकेदार व इस योजना के उच्च अधिकारीयों के अनुसार कार्य कर रही है । किसानों ने आरोप लगाया कि जांच कमेटी अपने अनुकूल समय के अनुसार गांव में जांच करने पहुंची परन्तु ना तो उन्होंने किसानों के खेतों में जाकर फार्म पोंड का निरीक्षण किया और ना ही किसी लाभार्थी किसान से इस योजना के तहत किए गए कार्यों के बारे में जानकारी ली जिससे किसानों ने तहसीलदार कुलदीप मीणा के मार्फ़त जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए किसानों को इस योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई ।

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