जिलेभर के अधिकांश स्कूल बंद रहे, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर जांच आदेश वापस लेने की मांग
हनुमानगढ़। शिक्षा संबलन योजना के तहत प्रस्तावित विशेष जांच के विरोध में बुधवार को हनुमानगढ़ जिले के अधिकांश निजी विद्यालय बंद रहे। एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के नेतृत्व में स्कूल संचालकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर धरना देकर मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की कि प्रस्तावित जांच संबंधी आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं और निजी विद्यालयों को अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत दी जाए।
अतिरिक्त जांच को बताया अव्यावहारिक
एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा 3 जुलाई 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार राजएप के माध्यम से निजी विद्यालयों की विशेष जांच प्रस्तावित की गई है। संगठन का कहना है कि निजी शिक्षण संस्थान पहले से ही विभागीय नियमों और निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं। ऐसे में बार-बार निरीक्षण और अतिरिक्त जांच से विद्यालयों का समय शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय औपचारिक प्रक्रियाओं में व्यतीत होगा, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
आरटीई भुगतान का मुद्दा भी उठाया
स्कूल संचालकों ने बताया कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रत्येक वर्ष विद्यालयों का भौतिक सत्यापन पहले से ही किया जाता है। इसके बावजूद अलग से विशेष जांच की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सरकार से आरटीई के तहत संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं का भुगतान पूर्व व्यवस्था के अनुसार नियमित जारी रखने की भी मांग की। उनका कहना था कि भुगतान में देरी से निजी विद्यालयों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सहयोगात्मक नीति अपनाने की अपील
एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने राज्य सरकार से शिक्षा संबलन योजना के तहत प्रस्तावित विशेष जांच आदेश पर पुनर्विचार करने और उसे वापस लेने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि निजी विद्यालय प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए सरकार को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल जूनेजा, जिला अध्यक्ष सुरेश चंद शर्मा, जिला महासचिव भारत भूषण कौशिक, अशोक सुथार, संगठन मंत्री राजेश मिढ्ढा सहित जिले की विभिन्न तहसीलों से आए अनेक पदाधिकारी और स्कूल संचालक मौजूद रहे।






