आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और शुक्रवार का महासंयोग धार्मिक दृष्टि से अति उत्तम है। चतुर्थी तिथि को मुख्य रूप से गणपति की पूजा की जाती है। ऐसे में आज मघा नक्षत्र, व्यतीपात योग और चतुर्थी तिथि का प्रभाव पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित करेगा।
तिथि: शुक्ल तृतीया -प्रातः 06 बजकर 27 मिनट बजे तक, फिर चतुर्थी (जो अगले दिन तड़के 04 बजकर 42 मिनट तक (18 जुलाई) तक रहेगी)
योग: व्यतीपात – रात्रि 10 बजकर 46 मिनट तक, फिर वरीयान
करण: गरज – प्रातः 06 बजाकर 27 मिनट तक
करण: वणिज – सायं 05 बजकर 29 मिनट तक
करण: विष्टि (भद्रा) – अगले दिन तड़के 04 बजकर 42 मिनट (18 जुलाई) तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 34 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 20 मिनट तक
चंद्रोदय का समय: प्रातः 08 बजकर 07 मिनट तक
चंद्रास्त का समय: रात्रि 09 बजकर 33 मिनट तक
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: सिंह राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक
अमृत काल: सायं 04 बजकर 18 मिनट से सायं 05 बजकर 49 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 10 बजकर 44 मिनट 12:27 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 07 बजकर 17 मिनट से प्रातः 09 बजकर 01 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 03 बजकर 54 मिनट से सायं 05 बजकर 37 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव सिंह राशि में और सायं काल तक मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
मघा नक्षत्र: सायं 06 बजकर 34 मिनट तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी
स्थान: 0° सिंह राशि से 13°20’ सिंह राशि तक
नक्षत्र स्वामी: केतु
राशि स्वामी: सूर्यदेव
देवता: पितर (पूर्वज)
प्रतीक: शाही सिंहासन






